🏆 Doctor Pyro BC17: पुरानी बवासीर, मस्से, खूनी बवासीर, फिशर और फिस्टुला के लिए Homeopathy Combo Pack
Doctor Pyro BC17 — पुरानी बवासीर, मस्से, खूनी बवासीर, फिशर और फिस्टुला के लिए Homeopathy Combo Pack
पुरानी बवासीर (Piles), मस्से, खूनी बवासीर, फिशर, भगंदर में सहायक होम्योपैथिक Combo
Drops + BC17 Tissue Salts एक Pack में
M. Bhattacharyya & Co., Kolkata
10 Ingredients, PubMed Citations
Dr. Satish Sharma DHMS सलाह
संक्षेप में — Doctor Pyro BC17 के बारे में मुख्य बातें
- क्या है: Doctor Pyro Drops 30 ml × 3 + BC17 Tablet 10 gm — एक महीने का होम्योपैथिक कॉम्बो, 13 घटकों वाला।
- किसमें सहायक: बवासीर (ICD-10 K64), गुदाचीर (K60.0–K60.2) और भगंदर (K60.3–K60.5) के लक्षणों में।
- BC17 में क्या है: चार tissue salts, सब 3x — Calcarea Fluorica, Ferrum Phosphoricum, Kalium Phosphoricum, Kalium Muriaticum।
- बनाने वाला: M. Bhattacharyya & Co., कोलकाता (1889 से), Drug Licence ML865M।
- क़ीमत: ₹984 पूरा अग्रिम, या ₹1,085 COD में (शिपिंग सहित)।
- कितने दिन: पैक एक महीने का; पुरानी बवासीर में 3 महीने का कोर्स सलाहित।
- ईमानदार बात: किसी भी पद्धति में निश्चित समय में परिणाम या स्थायी इलाज की गारंटी नहीं दी जा सकती। Grade 4 बवासीर, जटिल फिस्टुला और लगातार खून आने में सर्जन से मिलना ज़रूरी है।
⚠️ मल में खून आना सिर्फ़ बवासीर का लक्षण नहीं है। खून, वज़न घटना या मल की आदत बदलने पर डॉक्टर को ज़रूर दिखाएँ।
Doctor Pyro BC17 — पूरी जानकारी (Video)
पुरानी बवासीर, मस्से, फिशर व भगंदर का होम्योपैथिक समाधान — Expert द्वारा समझाया गया।
वीडियो में क्या कहा गया — पूरा ट्रांसक्रिप्ट
20 जून 2026 को प्रकाशित वीडियो का शब्दशः ट्रांसक्रिप्ट। इसमें कुछ भी जोड़ा या हटाया नहीं गया है।
यह ट्रांसक्रिप्ट रिकॉर्ड के तौर पर ज्यों का त्यों रखा गया है। पर इसमें कही गई कुछ बातों पर हम अब क़ायम नहीं हैं, और इस पेज पर वे बातें नहीं दोहराई गई हैं:
- वीडियो में बताए गए शोध के आँकड़े (94%, 81%, छह दिन, दो हफ्ते) Escin पर हुए अलग अध्ययनों के हैं। वे इस combo पर नहीं हुए, इसलिए उन्हें इस उत्पाद का परिणाम नहीं माना जाना चाहिए।
- किसी भी पद्धति में बवासीर के निश्चित समय में परिणाम या स्थायी इलाज की गारंटी नहीं दी जा सकती। "पहले महीने में ही बेहतर परिणाम" एक अनुमान था, वादा नहीं।
- "ऑपरेशन से डरिए मत" — यह वाक्य ग़लत संदेश देता है। Grade 3–4 बवासीर, जटिल फिस्टुला और लगातार खून आने में सर्जरी अक्सर ज़रूरी होती है। सर्जरी टालने का फ़ैसला अपने डॉक्टर से ही लें।
- पैक में 30 ml की तीन शीशियाँ आती हैं, वीडियो में सिर्फ़ "30 मिलीलीटर" कहा गया है।
- M. Bhattacharyya & Co. की स्थापना 1889 में हुई थी — यानी 137 वर्ष, वीडियो में "135 साल" कहा गया है।
- ऑर्डर व सलाह के लिए सही नंबर 8278598205 (WhatsApp) है। वीडियो में बोले गए नंबर पुराने हैं।
📝 पूरा ट्रांसक्रिप्ट पढ़ें — बवासीर का होम्योपैथिक समाधान | Doctor Pyro BC17 (3 मिनट 59 सेकंड)
बवासीर सेल्फ-टेस्ट कैलकुलेटर (पाइल्स)
आपकी बवासीर किस स्तर पर है — 2 मिनट में ख़ुद जाँचिए
✅ कोई मोबाइल नंबर की ज़रूरत नहीं
✅ किसी रजिस्ट्रेशन की ज़रूरत नहीं
✅ अपनी PDF रिपोर्ट फ़्री डाउनलोड करें
ज़्यादातर लोग डॉक्टर के सामने आधी बात भूल जाते हैं — कब से है, कितना खून, कितना दर्द। यह टूल आपके लक्षणों को क्रम से लिखकर एक शीट बना देता है, जिसे आप डॉक्टर को दिखा सकते हैं। यह जाँच या निदान नहीं है, न ही डॉक्टर की सलाह का विकल्प।
⚠️ ध्यान दें: मल में खून आना बवासीर के अलावा भी कई कारणों से हो सकता है, जिनमें कुछ गंभीर भी होते हैं। अगर आपको खून आ रहा है, वज़न घट रहा है, या मल की आदत बदल गई है — तो टेस्ट के नतीजे का इंतज़ार किए बिना डॉक्टर को दिखाएँ।
कैलकुलेटर खुलने में कोई परेशानी आ रही है?
अगर ऊपर वाला टेस्ट आपके फ़ोन या ब्राउज़र में ठीक से नहीं खुल रहा, तो नीचे वाले बटन से सीधे टेस्ट पेज पर चले जाइए। वही 7 सवाल, वही मुफ़्त PDF रिपोर्ट — नई विंडो में खुलेगा।
🩺 सीधे टेस्ट पेज पर जाएँ ↗कोई Registration नहीं · कोई Phone Number नहीं · कोई Data Save नहीं। यह टूल Teqtis India द्वारा बनाया गया है, जो होम्योपैथिक उत्पाद बेचती है।
आपका सवाल कौन सा है? सीधे वहीं पहुँचिए
नीचे 40 सवाल तीन हिस्सों में बाँटे हैं। जो सवाल आपका है, उस पर टैप कीजिए — जवाब सीधे खुल जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल — विस्तार से
🩺 Part A — बवासीर की सामान्य जानकारी
Q1. बवासीर क्या होती है?Bawasir kya hoti hai? Piles ka matlab kya hai?
बवासीर यानी गुदा और मलाशय की नसों का फूल जाना। आम भाषा में इन्हीं फूली नसों को मस्से या पाइल्स कहते हैं।
- गुदा के पास कुछ नसें कुदरती तौर पर होती हैं जो मल रोकने में मदद करती हैं
- जब इन पर बार-बार दबाव पड़े — कब्ज़, ज़ोर लगाना, घंटों बैठना — तो ये फूल जाती हैं
- अंदरूनी (Internal): मलाशय के अंदर, दिखती नहीं, ज़्यादातर खून आता है
- बाहरी (External): गुदा के बाहर, हाथ से महसूस होती है, दर्द ज़्यादा
- मुख्य लक्षण — खून, खुजली, जलन, भारीपन, मस्सा
भारत में यह बहुत आम है। शर्म की बात नहीं — समय पर बताने की बात है।
Q2. बवासीर के शुरुआती लक्षण क्या हैं?Bawaseer ke shuruati lakshan kya hain?
सबसे पहला लक्षण अक्सर खून है — बिना दर्द के। टॉयलेट पेपर या कमोड में ताज़ा लाल खून दिखता है।
- शुरुआत में दर्द नहीं होता, बस खून — इसीलिए लोग टाल देते हैं
- गुदा में हल्की खुजली, जलन और भारीपन
- शौच के बाद भी लगे कि पेट पूरा साफ़ नहीं हुआ
- आगे चलकर — गुदा के पास गाँठ जैसा कुछ महसूस होना
- चिपचिपा पानी (म्यूकस) निकलना, देर तक बैठने में तकलीफ़
कब्ज़ और खाने में रेशे की कमी इन्हें तेज़ी से बढ़ाती है।
Q3. खूनी और बादी बवासीर में क्या फर्क है?Khooni aur baadi bawasir mein kya fark hai?
सीधा फ़र्क़ खून का है। खूनी बवासीर में खून आता है पर दर्द कम; बादी में खून नहीं आता पर दर्द ज़्यादा।
- खूनी बवासीर: ताज़ा लाल खून, कभी-कभी टपकता या फव्वारे जैसा। ज़्यादातर अंदरूनी मस्से
- अंदर होने से दर्द कम — पर खून लगातार जाए तो कमज़ोरी आ सकती है
- बादी बवासीर: खून नहीं, बाहरी मस्से, तेज़ दर्द, जलन और खुजली
- कभी-कभी मस्से में खून जम जाता है — तब दर्द बहुत बढ़ जाता है
- बहुत लोगों को दोनों एक साथ होती हैं
Q4. Piles, Fissure और Fistula में क्या Difference है?Piles, Fissure aur Fistula mein kya difference hai?
तीनों अलग बीमारियाँ हैं, बस जगह एक है। बवासीर सूजी नस है, फिशर दरार है, और फिस्टुला सुरंग है।
- बवासीर (Piles): गुदा की नसों में सूजन, मस्से — खून, खुजली, भारीपन
- गुदाचीर (Fissure): गुदा में छोटी दरार — शौच के समय कटने जैसा तेज़ दर्द, खून की 1-2 बूँद
- भगंदर (Fistula): गुदा के पास सुरंग जैसा रास्ता — बार-बार मवाद या पानी आना
- दर्द का समय अलग होता है — फिशर में शौच के दौरान, बवासीर में बाद तक
पक्का फ़र्क़ जाँच से ही पता चलता है, इसलिए डॉक्टर को एक बार ज़रूर दिखाएँ।
Q5. मल त्याग के समय खून आना Piles है या कुछ और?Latrine ke samay khoon aana piles hai ya kuch aur?
ज़्यादातर मामलों में यह बवासीर या फिशर ही होता है — पर हमेशा नहीं। कुछ और कारण भी हैं जिन्हें छोड़ा नहीं जा सकता।
- ताज़ा लाल खून + युवा उम्र → आमतौर पर बवासीर या फिशर
- पॉलिप, IBD (क्रोहन/अल्सरेटिव कोलाइटिस) से भी ऐसा ही खून आ सकता है
- कम मामलों में यह आँत के कैंसर का भी लक्षण होता है
- तुरंत डॉक्टर दिखाएँ अगर: मल काला या गाढ़ा लाल हो
- वज़न अपने आप घट रहा हो, पेट में गाँठ लगे
- उम्र 50 से ऊपर हो और पहली बार खून आया हो
यही वजह है कि खून को कभी "बस बवासीर है" मानकर टालना नहीं चाहिए।
-
ASCRS Clinical Practice Guidelines for the Management of Hemorrhoids (Dis Colon Rectum, 2024)
इस दिशानिर्देश में कहा गया है कि बवासीर और मलाशय से खून वाले चुनिंदा मरीज़ों में पूरी आँत की एंडोस्कोपिक जाँच ज़रूरी है — यानी खून को हमेशा बवासीर मान लेना ग़लत है।
Q6. गुदा में मस्सा बाहर आना किस Stage की Piles है?Guda mein massa bahar aana kaunsi stage hai?
मस्सा बाहर आना यानी बीमारी पहली स्टेज से आगे बढ़ चुकी है — Grade 2, 3 या 4।
- Grade 2: शौच के समय बाहर आता है, अपने आप अंदर चला जाता है
- Grade 3: उँगली से अंदर करना पड़ता है
- Grade 4: हमेशा बाहर रहता है — यहाँ सर्जरी की ज़रूरत पड़ सकती है
- जितनी जल्दी शुरू करें, उतना कम आगे बढ़ता है
Grade 4 में दवा से पहले सर्जन से मिलना ज़्यादा ज़रूरी है।
Q7. बवासीर कितने दिन में ठीक होती है?Bawaseer kitne din mein theek hoti hai?
इसका कोई एक जवाब नहीं है — यह स्टेज पर निर्भर करता है, और हर आदमी में अलग होता है।
- Grade 1-2 में आमतौर पर कुछ हफ़्तों में फ़र्क़ महसूस होने लगता है
- पुरानी बवासीर में 2-3 महीने का पूरा कोर्स सलाहित है
- Grade 4 में अकेली दवा शायद काफ़ी न हो
- कब्ज़ ठीक न हो तो कोई भी इलाज अधूरा रहता है
कोई भी पद्धति निश्चित समय में ठीक होने की गारंटी नहीं दे सकती — जो दे, उससे सावधान रहें।
Q8. क्या बवासीर बिना Operation ठीक हो सकती है?Kya bawasir bina operation theek ho sakti hai?
Grade 1, 2 और अक्सर Grade 3 में बिना ऑपरेशन काम चल जाता है। पर यह फ़ैसला जाँच के बाद डॉक्टर ही ले सकता है।
- शुरुआती स्टेज में दवा, खानपान और आदतें बदलने से काफ़ी फ़र्क़ पड़ता है
- Grade 4 में, और जब बाक़ी सब आज़मा लिया हो, तब सर्जरी सलाहित होती है
- लगातार ज़्यादा खून जाने पर टालना ठीक नहीं
- ऑपरेशन के बाद भी कुछ लोगों में यह दोबारा हो जाती है — क्योंकि कारण वहीं रहता है
सर्जरी से डरकर टालना भी उतना ही ग़लत है जितना बिना ज़रूरत करवाना।
-
ASCRS Clinical Practice Guidelines for the Management of Hemorrhoids (Dis Colon Rectum, 2024)
इसमें पहले खानपान और आदतें, फिर क्लिनिक में होने वाली प्रक्रियाएँ, और सबसे आख़िर में सर्जरी — यही क्रम सलाहित है।
Q9. बवासीर में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?Bawasir mein kya khana chahiye aur kya nahi?
सीधी बात — रेशे वाला खाना बढ़ाएँ और पानी ख़ूब पिएँ। तीखा-तला घटाएँ।
- खाएँ: ईसबगोल, ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस
- फल: पपीता, अमरूद, केला
- सब्ज़ी: लौकी, तोरई, पालक
- दही और छाछ रोज़
- गुनगुना पानी 8-10 गिलास
- बचें: मैदा, बेकरी का सामान, बहुत तीखा-तला, शराब, धूम्रपान
खानपान बदले बिना दवा का असर आधा ही रहता है।
-
Laxatives for the treatment of hemorrhoids — Cochrane Database of Systematic Reviews (Alonso-Coello P et al., 2005)
सात यादृच्छिक परीक्षणों (378 मरीज़) के विश्लेषण में रेशा (fiber) लेने से खून आने का जोखिम लगभग आधा पाया गया। -
ASCRS Clinical Practice Guidelines for the Management of Hemorrhoids (Dis Colon Rectum, 2024)
पर्याप्त पानी और रेशा — यही पहली पंक्ति का इलाज बताया गया है।
Q10. कब्ज़ से बवासीर क्यों बढ़ती है?Kabz se bawasir kyon badhti hai?
क्योंकि कड़ा मल निकालने के लिए ज़ोर लगाना पड़ता है, और वही ज़ोर नसों को फुला देता है।
- ज़ोर लगाने से गुदा की नसों पर दबाव बढ़ता है
- यही दबाव बार-बार पड़े तो नसें फूलकर मस्से बन जाती हैं
- कड़ा मल निकलते समय नाज़ुक जगह पर खरोंच लगाता है — इसी से खून आता है
- लंबे समय की कब्ज़ से मस्से बड़े होते जाते हैं
- टॉयलेट में मोबाइल लेकर देर तक बैठना भी उतना ही नुक़सान करता है
इसीलिए कब्ज़ ठीक किए बिना बवासीर का इलाज पूरा नहीं होता।
-
Laxatives for the treatment of hemorrhoids — Cochrane Database of Systematic Reviews (Alonso-Coello P et al., 2005)
यह समीक्षा कब्ज़ और शौच में लगातार ज़ोर लगाने को बवासीर के लक्षणों से जोड़ती है, और रेशे से लक्षणों में लगातार फ़ायदा पाती है।
Q11. क्या Spicy Food से Piles बढ़ती है?Kya spicy food se piles badhti hai?
हाँ, बढ़ती है। तीखे में मौजूद कैप्सेसिन पहले से सूजी नस को और भड़का देता है।
- जलन, खुजली और खून — तीनों बढ़ सकते हैं
- जब तकलीफ़ चल रही हो, तब तीखा बिल्कुल बंद रखें
- बहुत ज़्यादा नमक और अचार भी परेशान करते हैं
- शराब से मल सूखता है, इसलिए वह दोहरा नुक़सान करती है
आराम आने के बाद भी धीरे-धीरे शुरू करें, एकदम से नहीं।
Q12. बवासीर में Sitz Bath कैसे करें?Bawaseer mein sitz bath kaise karein?
गुनगुने पानी में 15-20 मिनट बैठना — बस इतना ही है। सबसे सस्ता और सबसे असरदार घरेलू तरीक़ा।
- एक बड़े टब या बेसिन में गुनगुना पानी लें (37-40°C, हाथ सह सके)
- चाहें तो एक चुटकी सेंधा नमक मिला लें
- 15-20 मिनट बैठें, दिन में 2-3 बार
- शौच के बाद ज़रूर करें — सबसे ज़्यादा आराम तभी मिलता है
- बाद में हल्के हाथ से सुखाएँ, रगड़ें नहीं
पानी ज़्यादा गरम न हो — इससे सूजन बढ़ सकती है।
-
ASCRS Clinical Practice Guidelines for the Management of Anal Fissures (Dis Colon Rectum, 2023)
सिट्ज़ बाथ और ईसबगोल जैसे रेशे — यही पहली पंक्ति का इलाज बताया गया है; लगभग आधे नए फिशर इन्हीं से ठीक हो जाते हैं।
Q13. बवासीर के कितने Grade होते हैं?Bawaseer ke kitne grade hote hain?
अंदरूनी बवासीर के चार Grade होते हैं, और यह मस्सा बाहर आने के हिसाब से तय होता है।
- Grade 1: सिर्फ़ अंदर — खून आता है, मस्सा दिखता नहीं
- Grade 2: शौच पर बाहर आता है, अपने आप वापस
- Grade 3: उँगली से वापस करना पड़ता है
- Grade 4: हमेशा बाहर — सर्जरी की सलाह दी जाती है
यह Grade डॉक्टर जाँच करके तय करता है, किसी ऑनलाइन टेस्ट से नहीं।
Q14. Grade 3 और Grade 4 Piles में क्या फर्क है?Grade 3 aur Grade 4 piles mein kya fark hai?
फ़र्क़ इतना है कि Grade 3 में मस्सा उँगली से अंदर हो जाता है, Grade 4 में नहीं होता।
- Grade 3: बाहर आता है, हाथ से वापस कर सकते हैं — दवा अब भी काम कर सकती है
- Grade 4: हमेशा बाहर, हाथ से भी वापस नहीं जाता
- Grade 4 में खून जमने का ख़तरा रहता है, जिसमें दर्द बहुत तेज़ होता है
- यहाँ सर्जरी आमतौर पर ज़रूरी मानी जाती है
Grade 3 पर हैं तो देर मत कीजिए — यही वो जगह है जहाँ रोका जा सकता है।
Q15. क्या Piles Cancer बन सकती है?Kya piles cancer ban sakti hai?
नहीं। बवासीर कैंसर नहीं बनती। ये दोनों बिल्कुल अलग बीमारियाँ हैं।
- बवासीर नसों की समस्या है, कैंसर कोशिकाओं की
- उलझन इसलिए होती है क्योंकि दोनों में खून आ सकता है
- पर सावधानी ज़रूरी है — खून का मतलब हमेशा बवासीर नहीं होता
- काला मल, वज़न घटना, पेट में गाँठ, या 50+ उम्र में पहली बार खून — इनमें जाँच करवाएँ
- डॉक्टर कोलोनोस्कोपी की सलाह दे तो टालें नहीं
बवासीर होना कैंसर का ख़तरा नहीं बढ़ाता — पर कैंसर को बवासीर समझ लेना ख़तरनाक है।
-
ASCRS Clinical Practice Guidelines for the Management of Hemorrhoids (Dis Colon Rectum, 2024)
इसमें साफ़ लिखा है कि बवासीर मान लिया गया मलाशय का खून वह सबसे आम मौक़ा है जहाँ कैंसर की पहचान छूट जाती है।
Q16. बवासीर में Doctor को कब दिखाना चाहिए?Bawaseer mein doctor ko kab dikhana chahiye?
जब भी खून आए तब एक बार ज़रूर दिखाएँ। और कुछ हालात में तुरंत, बिना इंतज़ार किए।
- तुरंत जाएँ अगर: इतना खून जाए कि कमज़ोरी या चक्कर आए
- मल का रंग काला हो
- पेट में गाँठ लगे या वज़न अपने आप घट रहा हो
- बुख़ार के साथ तेज़ सूजन या दर्द हो
- मस्सा हमेशा बाहर रहने लगे (Grade 4)
- उम्र 50 से ऊपर हो और पहली बार खून आया हो
सलाह के लिए WhatsApp: 8278598205 — Dr. Satish Sharma DHMS (Reg. No. 5454-A)।
-
ASCRS Clinical Practice Guidelines for the Management of Hemorrhoids (Dis Colon Rectum, 2024)
कब पूरी जाँच ज़रूरी है और किन मरीज़ों में कोलोनोस्कोपी करनी चाहिए — यह इसी दिशानिर्देश पर आधारित है।
Q17. बवासीर में ज़्यादा Bleeding हो तो क्या करें?Bawaseer mein zyada bleeding ho to kya karein?
पहले खून रोकने की कोशिश कीजिए और लेट जाइए। आधे घंटे में न रुके तो यह इमरजेंसी है — अस्पताल जाइए।
- ठंडे पानी से 10 मिनट सिट्ज़ बाथ लें
- लेट जाएँ, चलना-फिरना और ज़ोर लगाना बंद करें
- पानी पीते रहें
- 30 मिनट में खून न रुके → सीधे अस्पताल
- चक्कर, पसीना या कमज़ोरी लगे तो इंतज़ार बिल्कुल न करें
बार-बार ज़्यादा खून जाने से ख़ून की कमी हो जाती है — इसे हल्के में न लें।
Q18. बवासीर का Permanent इलाज Possible है क्या?Bawaseer ka permanent ilaj possible hai kya?
शुरुआती स्टेज में लंबे समय तक आराम रह सकता है — पर "पक्का इलाज" का वादा कोई नहीं कर सकता, किसी भी पद्धति में नहीं।
- टिकाऊ आराम के लिए तीन चीज़ें एक साथ चाहिए
- 1. नसों पर काम करने वाली दवा
- 2. कब्ज़ का पक्का हल — यही असली जड़ है
- 3. आदतें बदलना — बैठने का समय, पानी, रेशा, वज़न
- इनमें से एक भी छूटा तो दिक़्क़त लौट सकती है
जो भी "जड़ से ख़त्म" या "गारंटी" बोले — उससे सावधान रहिए। हम भी ऐसा दावा नहीं करते।
Q19. Surgery के बाद Piles वापस आ सकती है क्या?Surgery ke baad piles wapas aa sakti hai kya?
हाँ, आ सकती है। ऑपरेशन मस्से हटाता है, पर जिस वजह से मस्से बने थे वो वजह वहीं रहती है।
- नसों की कमज़ोरी और कब्ज़ — ये सर्जरी से ठीक नहीं होते
- इसीलिए कुछ मरीज़ों में सालों बाद यह दोबारा हो जाती है
- स्टेपल वाली सर्जरी में दोबारा होने की गुंजाइश और ज़्यादा बताई जाती है
- बचाव वही है — कब्ज़ पर काबू, रेशा, पानी, कम बैठना
सर्जरी के बाद कोई भी दवा शुरू करने से पहले अपने सर्जन से पूछ लें।
Q20. बवासीर में Homeopathy मदद कर सकती है क्या?Bawaseer mein homeopathy madad kar sakti hai kya?
हाँ, ख़ासकर शुरुआती और मध्यम स्टेज में। होम्योपैथी लक्षणों के साथ-साथ नसों की कमज़ोरी पर भी काम करती है।
- Hamamelis — खून आने में इस्तेमाल होती है
- Aesculus — भारीपन और सूजन में
- Collinsonia — कब्ज़ के साथ आने वाली बवासीर में
- Nux Vomica — कब्ज़ में
- साथ में BC17 के चार tissue salts
- इनमें कोई स्टेरॉयड नहीं है
Grade 4, बहुत ज़्यादा खून, या जटिल फिस्टुला में सर्जन से मिलना ही सही है।
-
Horse chestnut seed extract for chronic venous insufficiency — Cochrane Database of Systematic Reviews (Pittler MH, Ernst E, 2012)
17 यादृच्छिक परीक्षणों की समीक्षा। ध्यान दें — यह अध्ययन पैरों की नसों की कमज़ोरी पर है, बवासीर पर नहीं। यह Aesculus के नसों पर काम करने के तरीक़े को समर्थन देता है, बवासीर में असर को नहीं।
💧 Part B — होम्योपैथिक दवा का चयन — Doctor Pyro BC17 क्यों?
Q21. बवासीर की सबसे अच्छी होम्योपैथिक दवा कौन सी है जो खून, दर्द और सूजन में मदद करे?Bawasir ki sabse achhi homeopathic dawa kaun si hai?
कोई एक "सबसे अच्छी" दवा नहीं होती — खून, दर्द और सूजन के लिए अलग-अलग दवाएँ काम करती हैं।
- खून के लिए: Hamamelis Virginica
- दर्द और भारीपन के लिए: Aesculus Hippocastanum
- सूजन और कब्ज़ के लिए: Collinsonia Canadensis
- अलग-अलग लेने पर तीन शीशियाँ ख़रीदनी पड़ती हैं और मात्रा तय करना मुश्किल होता है
- Doctor Pyro Combo में ये तीनों और छह अन्य पहले से तय मात्रा में हैं
मात्रा और अवधि आपकी हालत देखकर ही तय होनी चाहिए — इसलिए एक बार डॉक्टर से बात कर लें।
Q22. खूनी बवासीर में ताज़ा लाल खून आता है — कौन सी Homeopathic Medicine Best है?Khooni bawasir mein kaun si homeopathic medicine best hai?
ताज़ा लाल खून में Hamamelis सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली दवा है। साथ में Millefolium और Phosphorus का भी ज़िक्र मिलता है।
- Hamamelis — नसों को कसने वाली, खूनी बवासीर की सबसे जानी-मानी दवा
- Millefolium — जब खून चालू हो
- Phosphorus — बहुत ज़्यादा खून जाने पर
- साथ में Collinsonia ज़रूरी है, क्योंकि यह कब्ज़ पर काम करती है — खून का असली कारण अक्सर वही होता है
- Doctor Pyro में Hamamelis 3x और Collinsonia 3x दोनों हैं
बहुत ज़्यादा खून जा रहा हो तो पहले डॉक्टर, फिर दवा।
Q23. Piles के मस्से बाहर आ गए हैं, क्या Homeopathic दवा से मस्से छोटे हो सकते हैं?Kya homeopathic dawa se masse chhote ho sakte hain?
मस्से का आकार घटने में समय लगता है, और यह इस पर निर्भर है कि वह किस स्टेज पर है।
- Grade 2-3 में दवा से फ़र्क़ पड़ता देखा गया है
- Aesculus — नसों का भारीपन और भराव कम करने के लिए
- Collinsonia — पेट का दबाव घटाने के लिए
- BC17 का Calcarea Fluorica 3x — नसों की लचक के लिए
- साथ में कब्ज़ ठीक करना सबसे ज़रूरी है, वरना मस्सा फिर बढ़ता है
- Grade 4 में मस्सा दवा से वापस नहीं जाता — वहाँ सर्जन से मिलें
Q24. Internal और External Piles दोनों में Best Homeopathic Treatment कैसे चुनें?Internal aur external piles mein treatment kaise chunein?
चुनाव इस बात से होता है कि मस्सा अंदर है या बाहर — क्योंकि दोनों में तकलीफ़ अलग होती है।
- अंदरूनी (खून ज़्यादा, दर्द कम): Hamamelis, Collinsonia, Lycopodium
- बाहरी (दर्द ज़्यादा, खून कम): Aesculus, Graphites, Paeonia
- बहुत लोगों को दोनों एक साथ होती हैं — तब दोनों तरह की दवा चाहिए
- Doctor Pyro Combo में दोनों तरफ़ की दवाएँ एक ही पैक में हैं
Q25. Piles, Fissure और Fistula में कौन सी Homeopathy Medicine Useful होती है?Piles, Fissure aur Fistula mein kaun si homeopathy useful hai?
तीनों के लिए अलग-अलग दवाएँ हैं — पर तीनों में कब्ज़ ठीक करना एक जैसा ज़रूरी है।
- बवासीर: Hamamelis, Aesculus, Collinsonia
- गुदाचीर (Fissure): Acidum Nitricum, Graphites, Ratanhia
- भगंदर (Fistula): Silicea, Myristica, Paeonia
- Doctor Pyro Combo में Hamamelis, Acidum Nitricum, Graphites और Paeonia — चारों हैं
फिस्टुला में सर्जरी आम तरीक़ा है। दवा को उसकी जगह नहीं, साथ में समझें।
Q26. Fissure में Stool के समय कटने जैसा दर्द और जलन होती है — Best Homeopathy Medicine?Fissure ke katne jaise dard mein best homeopathy medicine?
फिशर का दर्द इसलिए तेज़ होता है क्योंकि वहाँ असली दरार होती है। इसमें Acidum Nitricum सबसे ज़्यादा बताई जाती है।
- Acidum Nitricum — चीरने जैसा तेज़ दर्द
- Graphites — कड़ा मल और फटी हुई त्वचा
- Ratanhia — शौच के बाद देर तक रहने वाली जलन
- Paeonia — जलन और घाव
- मल को नरम रखना आधा इलाज है — ईसबगोल रोज़ लें
- शौच के बाद सिट्ज़ बाथ से बहुत आराम मिलता है
डॉक्टर मरहम भी देते हैं — वह मांसपेशी ढीली करती है। दोनों साथ चल सकते हैं, पर सलाह लेकर।
-
ASCRS Clinical Practice Guidelines for the Management of Anal Fissures (Dis Colon Rectum, 2023)
फिशर में पहले ग़ैर-शल्य इलाज — यह सिफ़ारिश मज़बूत श्रेणी में रखी गई है। -
ACG Clinical Guidelines: Management of Benign Anorectal Disorders (Am J Gastroenterol, 2021)
गुदा-मलाशय की सामान्य बीमारियों पर विस्तृत दिशानिर्देश।
Q27. Fistula में बार-बार Pus या पानी आता है — क्या Homeopathy से बिना Surgery Relief मिल सकता है?Fistula mein bina surgery relief mil sakta hai kya?
साधारण और छोटे फिस्टुला में दवा से आराम मिलता देखा गया है। पर जटिल फिस्टुला में सर्जरी ही मुख्य रास्ता है।
- Silicea — मवाद निकलने की स्थिति में इस्तेमाल होती है
- Calcarea Sulphurica — जब घाव भरने लगे
- Myristica — मवाद बनने से रोकने के लिए
- Paeonia — गुदा के आसपास गीलापन और तकलीफ़ में
- जगह साफ़ और सूखी रखना बहुत मायने रखता है
बार-बार मवाद आ रहा हो, बुख़ार हो, या सुरंग ऊपर तक जाती हो — तो सीधे सर्जन से मिलें। इसे टालना ठीक नहीं।
-
ASCRS Clinical Practice Guidelines for Anorectal Abscess, Fistula-in-Ano and Rectovaginal Fistula (Dis Colon Rectum, 2022)
फिस्टुला के प्रकार, जाँच और इलाज पर पूरा दिशानिर्देश — इसमें सर्जरी को मुख्य इलाज बताया गया है।
Q28. Chronic बवासीर में कब्ज़, Bleeding और मस्से — Best Homeopathy Medicine कौन सी है?Chronic bawasir mein best homeopathy medicine kaun si hai?
पुरानी बवासीर में तीन दिक़्क़तें एक साथ चलती हैं — कब्ज़, खून और मस्सा। तीनों पर एक साथ काम करना पड़ता है।
- कब्ज़ के लिए: Nux Vomica, Collinsonia, Kali Carbonicum
- खून के लिए: Hamamelis
- मस्से के लिए: Aesculus
- सूजन के लिए: BC17 का Ferrum Phosphoricum 3x
- अलग-अलग लेने पर चार-पाँच शीशियाँ हो जाती हैं
- इसीलिए पुरानी बवासीर में तैयार कॉम्बो ज़्यादा आसान पड़ता है
पुरानी बवासीर में एक-दो हफ़्ते की दवा से काम नहीं बनता — पूरा कोर्स चाहिए।
Q29. Piles के मस्से Operation के बिना कैसे कम करें — Homeopathy Safe Option है?Piles ke masse bina operation kaise kam karein?
हाँ, बिना ऑपरेशन के भी कुछ तरीक़े हैं — पर वो हर स्टेज में काम नहीं करते।
- डॉक्टर के तरीक़े: रबर बैंड लिगेशन, इंजेक्शन (स्क्लेरोथेरैपी), IRC
- ये विशेषज्ञ ही करते हैं, और इनका ख़र्च कई हज़ार तक जाता है
- होम्योपैथी में: Aesculus, Aloe Socotrina, Calcarea Fluorica
- इनके साथ कब्ज़ ठीक करना और खानपान बदलना ज़रूरी है
- Grade 4 में इनमें से कोई भी काफ़ी नहीं — वहाँ सर्जरी ही रास्ता है
कौन सा तरीक़ा आपके लिए ठीक है, यह जाँच के बाद ही तय होगा।
-
ASCRS Clinical Practice Guidelines for the Management of Hemorrhoids (Dis Colon Rectum, 2024)
रबर बैंड लिगेशन, स्क्लेरोथेरैपी और IRC जैसी क्लिनिक प्रक्रियाओं को सर्जरी से पहले रखा गया है। -
Phlebotonics for haemorrhoids — Cochrane Database of Systematic Reviews (Perera N et al., 2012)
बवासीर में venoactive दवाओं पर Cochrane समीक्षा।
Q30. Doctor Pyro BC17 बवासीर, Piles के मस्से और खूनी बवासीर में कैसे Help करता है?Doctor Pyro BC17 bawasir mein kaise help karta hai?
यह दो चीज़ों का मेल है — Drops जो लक्षणों पर काम करते हैं, और BC17 tablets जो कोशिकीय स्तर पर।
- Drops (9 दवाएँ, सब 3x): Aesculus, Collinsonia, Graphites, Hamamelis, Kali Carbonicum, Lycopodium, Acidum Nitricum, Nux Vomica, Paeonia
- BC17 (4 tissue salts, सब 3x): Calcarea Fluorica, Ferrum Phosphoricum, Kalium Phosphoricum, Kalium Muriaticum
- यानी कुल 13 घटक एक पैक में
- खून पर: Hamamelis · सूजन-दर्द पर: Aesculus, Ferrum Phos, Kali Phos
- कब्ज़ पर: Nux Vomica, Collinsonia, Kali Carbonicum
- गुदाचीर पर: Acidum Nitricum, Graphites
बनाने वाली कंपनी — M. Bhattacharyya & Co., कोलकाता (1889 से), लाइसेंस ML865M।
🔬 Part C — Doctor Pyro BC17 के बारे में विस्तृत जानकारी
Q31. बवासीर होती क्यों है — मुख्य कारण?Bawaseer hoti kyon hai — mukhya karan?
सबसे बड़ा कारण कब्ज़ है। बाक़ी सब कारण घूम-फिरकर उसी पर आते हैं या दबाव बढ़ाते हैं।
- पुरानी कब्ज़ और शौच में ज़ोर लगाना
- पानी और रेशे वाले खाने की कमी
- घंटों एक जगह बैठना — ड्राइवर, ऑफ़िस, दुकान
- मोटापा और भारी वज़न उठाना
- गर्भावस्था और प्रसव
- परिवार में पहले से किसी को होना
- बहुत तीखा खाना और शराब
इनमें से जो आपकी ज़िंदगी में है, उसे बदले बिना दवा का असर टिकता नहीं।
-
ASCRS Clinical Practice Guidelines for the Management of Hemorrhoids (Dis Colon Rectum, 2024)
कब्ज़, शौच में ज़ोर लगाना और देर तक बैठना — इन्हें जोखिम कारकों में गिना गया है।
Q32. बवासीर के 4 Grades क्या होते हैं?Bawaseer ke 4 grades kya hote hain?
चार Grade होते हैं, और फ़र्क़ बस इतना है कि मस्सा कितना बाहर आता है।
- Grade 1: सिर्फ़ अंदर, खून आता है
- Grade 2: शौच पर बाहर, अपने आप वापस
- Grade 3: उँगली से वापस करना पड़ता है
- Grade 4: हमेशा बाहर — सर्जरी की सलाह
यह Grade डॉक्टर जाँच करके बताता है। किसी वेबसाइट का टेस्ट Grade तय नहीं कर सकता।
Q33. Doctor Pyro BC17 Homeopathy का आधार क्या है?Doctor Pyro BC17 homeopathy ka aadhar kya hai?
इसका आधार दो हैं — बवासीर में परंपरागत रूप से इस्तेमाल होने वाली होम्योपैथिक दवाएँ, और शूस्लर के tissue salts।
- Hamamelis, Aesculus और Collinsonia — तीनों बवासीर में लंबे समय से इस्तेमाल होती हैं और इन पर शोध साहित्य मौजूद है
- BC17 शूस्लर की Biochemic पद्धति पर आधारित है
- BC17 के चार salts — Calcarea Fluorica, Ferrum Phosphoricum, Kalium Phosphoricum, Kalium Muriaticum, सब 3x
- यही चार मानक संयोजन Schwabe India और SBL भी दर्ज करते हैं
- कुल 13 घटक — 9 drops में, 4 tablets में
इस कॉम्बो पर अपना कोई क्लिनिकल परीक्षण नहीं हुआ है — जो शोध बताया गया है वह अलग-अलग घटकों पर है।
-
Horse chestnut seed extract for chronic venous insufficiency — Cochrane Database of Systematic Reviews (Pittler MH, Ernst E, 2012)
Aesculus के मुख्य तत्व escin पर 17 परीक्षणों की समीक्षा — यह पैरों की नसों पर है, इस कॉम्बो पर नहीं।
Q34. क्या Ayurvedic Tablets से यह अलग है?Kya Ayurvedic tablets se yah alag hai?
हाँ, तरीक़ा अलग है। आयुर्वेदिक गोलियाँ ज़्यादातर जड़ी-बूटियों से मल नरम करती हैं और सूजन घटाती हैं।
- आयुर्वेद: ज़्यादातर हर्बल कसैले और दस्तावर तत्व
- होम्योपैथी: बहुत कम मात्रा में तैयार की गई दवाएँ, लक्षणों के हिसाब से चुनी हुई
- BC17 का tissue salt वाला हिस्सा आयुर्वेदिक फ़ॉर्मूलों में नहीं होता
- दोनों पद्धतियाँ अलग हैं — एक को दूसरे से "बेहतर" कहना सही नहीं
दोनों में से जो भी लें, कब्ज़ और खानपान पर काम किए बिना नतीजा अधूरा रहेगा।
Q35. Anal Fissure में Doctor Pyro BC17 कैसे काम करता है?Anal fissure mein Doctor Pyro BC17 kaise kaam karta hai?
फिशर में दरार भरना और मल नरम रखना — दोनों ज़रूरी हैं। कॉम्बो में इन दोनों के घटक हैं।
- Acidum Nitricum 3x — चीरने जैसा तेज़ दर्द
- Graphites 3x — फटी त्वचा और रिसाव
- Paeonia 3x — शौच के बाद की जलन
- BC17 का Calcarea Fluorica 3x — गुदा की दरार और लचक में
- मात्रा: Drops 10-15 बूँद दिन में 4-5 बार; BC17 की 4 गोलियाँ दिन में 3 बार
- कच्चा प्याज, लहसुन और कॉफ़ी से परहेज़ रखें
दर्द बहुत तेज़ हो या खून बढ़ जाए तो डॉक्टर को दिखाएँ — कुछ फिशर में सर्जरी लगती है।
-
ASCRS Clinical Practice Guidelines for the Management of Anal Fissures (Dis Colon Rectum, 2023)
फिशर में मल नरम रखना और सिट्ज़ बाथ — पहली पंक्ति का इलाज।
Q36. क्या यह Fistula में भी काम करता है?Kya yah fistula mein bhi kaam karta hai?
साधारण फिस्टुला में यह मदद कर सकता है, पर मुख्य इलाज नहीं है। फिस्टुला में सर्जरी आम तरीक़ा माना जाता है।
- Paeonia 3x — गुदा के आसपास गीलेपन और तकलीफ़ में सहायक माना जाता है
- BC17 का Calcarea Fluorica 3x — ऊतकों के लिए
- जगह साफ़ और सूखी रखना बहुत ज़रूरी है
- साथ में कब्ज़ ठीक रखना, वरना बार-बार दबाव पड़ता है
मवाद बार-बार आए, बुख़ार हो, या सुरंग गहरी हो — तो सर्जन से मिलना ही सही है। दवा के भरोसे रुकें नहीं।
-
ASCRS Clinical Practice Guidelines for Anorectal Abscess, Fistula-in-Ano and Rectovaginal Fistula (Dis Colon Rectum, 2022)
इसमें फिस्टुला के इलाज का मुख्य तरीक़ा सर्जरी बताया गया है।
Q37. कितने दिन में असर दिखेगा?Kitne din mein asar dikhega?
यह हर व्यक्ति और हर स्टेज में अलग होता है। कोई तय तारीख़ बताना ईमानदारी नहीं होगी।
- शुरुआती स्टेज में आमतौर पर कुछ हफ़्तों में फ़र्क़ महसूस होता है
- पुरानी बवासीर में 3 महीने का पूरा कोर्स सलाहित है
- शुरू के एक-दो दिन लक्षण थोड़े बढ़े लगें तो घबराएँ नहीं — होम्योपैथी में यह आम है
- खानपान और चलना-फिरना साथ चले तो अनुभव बेहतर रहता है
- अगर कई हफ़्तों में कोई फ़र्क़ न लगे, तो दवा बदलने की ज़रूरत हो सकती है — डॉक्टर से बात करें
किसी भी पद्धति में निश्चित समय में ठीक होने की गारंटी नहीं दी जा सकती।
Q38. क्या कोई Side Effect है? बुज़ुर्गों के लिए Safe है?Koi side effect hai? Buzurgon ke liye safe hai?
होम्योपैथिक दवाएँ आमतौर पर अच्छी सहन होती हैं, और इसमें कोई स्टेरॉयड या दर्द की अंग्रेज़ी दवा नहीं है।
- GMP प्रमाणित इकाई में बनती है — M. Bhattacharyya & Co., 1889 से
- बुज़ुर्गों के लिए भी आमतौर पर ठीक मानी जाती है
- गोलियों में चीनी का आधार होता है — डायबिटीज़ में डॉक्टर से पूछकर ही लें
- दवा लेने के 30 मिनट पहले और बाद में कुछ न खाएँ
- पहले से चल रही कोई अंग्रेज़ी दवा अपने आप बंद न करें — डॉक्टर से पूछें
- गर्भावस्था या स्तनपान में डॉक्टर से पूछकर ही लें
कोई भी दवा हर किसी के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं होती। कुछ भी अजीब लगे तो बंद करके सलाह लें।
Q39. Drops और Tablet — दोनों एक साथ क्यों?Drops aur tablet — dono ek saath kyon?
क्योंकि दोनों अलग-अलग जगह काम करते हैं — Drops तकलीफ़ पर, tablets शरीर के खनिज संतुलन पर।
- Drops: खून, सूजन, दर्द और कब्ज़ — यानी जो अभी महसूस हो रहा है
- BC17 tablets: शूस्लर के अनुसार शरीर के ज़रूरी खनिजों की कमी पर
- अकेले Drops लें तो नसों की कमज़ोरी वाला हिस्सा छूट जाता है
- अकेले tablets लें तो तुरंत की तकलीफ़ में कम मदद मिलती है
- इसीलिए दोनों एक ही पैक में दिए जाते हैं
3 महीने का पूरा कोर्स सलाहित है; परिणाम व्यक्तिगत स्थिति पर निर्भर।
Q40. कहाँ से Order करें? Delivery कितने दिन में?Kahan se order karein? Delivery kitne din mein?
इसी पेज से ऑर्डर कर सकते हैं, या WhatsApp पर लिख दीजिए। ज़्यादातर जगह 3-7 कामकाजी दिन में पहुँच जाता है।
- WhatsApp: 8278598205 — बस लिखिए "Doctor Pyro BC17 चाहिए"
- फ़ोन: 70422-47248 / 82857-42000 (हिसार, हरियाणा)
- पैकिंग: सादा डिब्बा — बाहर से कुछ लिखा नहीं होता
- COD: पूरा पैसा डिलीवरी पर
- पूरा पैसा पहले: ₹984 — शिपिंग हमारी तरफ़ से
- दूर-दराज़ के इलाक़ों में एक-दो दिन ज़्यादा लग सकते हैं
Homeopathy Reg. No. 5454-A · 35+ वर्ष अनुभव · Nagori Gate, Hisar (Haryana)
📅 अपडेट: 6 सितंबर 2026 ⏱️ 10 मिनट 🔬 PubMed व ScienceDirect शोध संदर्भ ✅ Medically Reviewed
🤔 क्या आपके साथ भी ऐसा होता है?
- 🩸 शौच में खून आना (खूनी बवासीर)
- 😣 गुदा में दर्द, जलन व खुजली
- 💦 मस्से (Hemorrhoids) — अंदरूनी या बाहरी
- 🔥 बैठने पर तेज़ जलन व बेचैनी
- 🚽 कब्ज़ — कड़ा, दर्दनाक मल त्याग
- 💧 गुदा से पानी/मवाद रिसाव (Fistula)
- 😰 शौच के बाद लंबे समय तक तकलीफ़
- ⚡ गुदाचीर (Fissure) — खून व तेज़ दर्द
अगर हाँ — तो समस्या सिर्फ़ कब्ज़ नहीं, बल्कि गुदा की नसों व ऊतकों की कमज़ोरी है। सिर्फ़ जुलाब व Ointment से जड़ नहीं ठीक होगी।
⚠️ ये लक्षण दिखें तो तुरंत Doctor से मिलें (Red Flags)
- बहुत ज़्यादा खून बहे — कमज़ोरी व चक्कर के साथ
- पेट में गांठ या अचानक वज़न घटे
- मल का रंग काला या गाढ़ा लाल हो
- बुखार + गुदा में तेज़ सूजन (Abscess हो सकता है)
- 50 वर्ष से अधिक उम्र में पहली बार रक्तस्राव
ये लक्षण Colorectal Cancer या गंभीर Abscess के भी हो सकते हैं — Self-Medication न करें।
Doctor Pyro BC17 क्या है? 🧴
यह एक Combo Pack है — 30 ML Doctor Pyro Drops + Bio-Combination 17 (100 Tablet)। Govt. Approved Formulation, जो बवासीर (Piles), भगंदर, गुदाचीर (Fissure), Fistula, मस्से, खूनी बवासीर, खुजली, जलन व गुदा-संबंधी हर समस्या में लाभकारी है।
Homeopathy मानती है कि शरीर में 12 तरह के Tissue Salts होते हैं; इनकी कमी से संबंधित रोग होते हैं। बवासीर व गुदा रोगों के लिए Bio-Combination नंबर 17 सबसे कारगर माना जाता है — इसलिए इस Pack में Drops के साथ BC17 Tablets भी दी गई हैं।
बवासीर, फिशर और भगंदर — तीनों का फ़र्क जानें
बवासीर (Piles / Hemorrhoids)
गुदा की नसें फूल जाती हैं — अंदरूनी या बाहरी मस्से बनते हैं। खून, खुजली, दर्द व भारीपन मुख्य लक्षण। 4 Grades होते हैं।
गुदाचीर (Anal Fissure)
गुदा की मांसपेशी में छोटी दरार (Cut) — शौच के समय तीव्र दर्द व खून की एक-दो बूँदें। कब्ज़ से यह बढ़ता है।
भगंदर (Anal Fistula)
गुदा के पास एक नलीनुमा रास्ता (Tunnel) बन जाता है — अंदरूनी संक्रमण या Abscess के बाद। मवाद व रिसाव होता रहता है।
🧪 Doctor Pyro Drops — प्रत्येक 5 ML में
| Ingredient | Content | भूमिका |
|---|---|---|
| Aesculus Hippocastanum 3x | 0.30 ML | गुदा की नसों की सूजन, भारीपन, दर्द |
| Collinsonia Canadensis 3x | 0.35 ML | खूनी बवासीर, कब्ज़, गुदा का कसाव |
| Graphites 3x | 0.30 GM | गुदाचीर, Oozing, Fissure, कठोर मल |
| Hamamelis Virginica 3x | 0.30 ML | रक्तस्राव रोकना, नसों को Tone करना |
| Kali Carbonicum 3x | 0.30 ML | पुरानी कब्ज़, मल में कठोरता, पीठ दर्द |
| Lycopodium Clavatum 3x | 0.35 ML | गैस, यकृत-संबंधी कब्ज़, बवासीर |
| Acidum Nitricum 3x | 0.10 ML | Fissure, गुदा में तेज़ दर्द, रक्तस्राव |
| Nux Vomica 3x | 0.35 ML | तनाव-जनित कब्ज़, पाचन, मरोड़ |
| Paeonia Officinalis 3x | 0.30 ML | गुदा की जलन, घाव, Fistula |
| Total Alcohol | 35% v/v | — |
Bio-Combination 17 (BC17) — Tissue Salts
| Tissue Salt | भूमिका |
|---|---|
| Calcarea Fluorica 3x | नसों की लचक — फूली नसें, बवासीर की दीवारें, गुदा की दरार व खुजली |
| Ferrum Phosphoricum 3x | सूजन, गर्मी व लालिमा — रक्त-संचार और खून आने की स्थिति में सहायक |
| Kalium Phosphoricum 3x | गुदा क्षेत्र की स्थानीय सूजन और अचानक तेज़, चीरने वाला दर्द |
| Kalium Muriaticum 3x | गाढ़ा, जमा हुआ खून; कब्ज़ और म्यूकस झिल्ली की स्थिति |
चारों बराबर मात्रा में। स्रोत: उत्पाद का label — M. Bhattacharyya & Co., Kolkata (Drug Licence ML865M)।
Bio-Combination 17 क्या है?
Bio-Combination (BC) डॉ. शूस्लर की 12 tissue salts पर आधारित तैयार संयोजनों की शृंखला है — कुल 28 formulations। इनमें BC17 पारंपरिक रूप से बवासीर से जुड़ी स्थितियों के लिए बताया जाता है।
मानक BC17 चार tissue salts का मेल है — Calcarea Fluorica, Ferrum Phosphoricum, Kalium Phosphoricum और Kalium Muriaticum — सभी 3x potency पर, बराबर मात्रा में। यही संयोजन Schwabe India, SBL और मानक biochemic साहित्य में दर्ज है, और यही Doctor Pyro Combo के BC17 pack में है।
Tissue salts 3x या 6x जैसी हल्की potencies में बनते हैं। परिणाम हर व्यक्ति में अलग होते हैं और किसी भी स्थायी इलाज की गारंटी नहीं दी जा सकती।
हर Ingredient पर International Research
Witch Hazel (Hamamelis) पर Eur. J. Drug Metab. Pharmacokinet. व Phytother Res. में Published Studies में Anti-Inflammatory व Astringent गुण दर्ज — Venous Blood Vessels पर सुरक्षात्मक प्रभाव, खूनी बवासीर में उपयोगी।
📄 ASCRS Hemorrhoids Guideline (2024) — बवासीर के इलाज का पूरा दिशानिर्देशHorse Chestnut (Aesculus) पर Cochrane Meta-Analysis (2012) में Chronic Venous Insufficiency में Significant Improvement। Escin Compound Venous Tone बढ़ाता है। बवासीर में नसों की सूजन कम करने में Well-Documented।
📄 Cochrane (2012) — Horse chestnut seed extract (escin) for chronic venous insufficiency, 17 RCTsStone Root की Classical Homeopathic Materia Medica में Hemorrhoids + Constipation का सबसे Specific Remedy माना जाता है। Portal Circulation Improve करने से कब्ज़-संबंधी बवासीर में लाभ।
📄 Cochrane (2005) — Laxatives (fiber) for the treatment of hemorrhoidsHomeopathic Literature में Nitric Acid को Sharp, Splinter-Like Anal Pain, Bleeding Fissures व Fistula का Chief Remedy माना जाता है। Materia Medica (Boericke, Clarke) में Extensively Documented।
📄 ASCRS Anal Fissures Guideline (2023) — sitz bath व fiber पहली पंक्ति का इलाजScienceDirect (2024) के अध्ययन में Biochemic Tissue Salts में संबंधित खनिज के वास्तविक Nanoparticles पाए गए जो Antioxidant Enzyme Modulate करते हैं — BC17 के Calcarea Fluorica व Ferrum Phosphoricum जैसे tissue salts पर उभरता वैज्ञानिक आधार।
Dash D, Koiri RK — “Investigation of nanoparticles present in biochemic tissue salt Kalium phosphoricum in different potencies”, Advances in Integrative Medicine (2025;12(3):100428)एक Survey में पाया गया कि 80%+ Homeopathy Practitioners बवासीर के लिए Hamamelis, Aesculus, Collinsonia, Nux Vomica व Graphites Prescribe करते हैं — यही Ingredients Doctor Pyro BC17 में हैं।
📄 Cochrane (2012) — Phlebotonics for haemorrhoidsDoctor Pyro BC17 बाकियों से अलग क्यों?
| फ़ीचर | Doctor Pyro + BC17 | Cream/Ointment | Allopathy Tablets |
|---|---|---|---|
| इलाज का तरीका | ✅ अंदरूनी कारण पर (Root Cause) | ⛔ सिर्फ़ बाहरी | ⛔ सिर्फ़ लक्षण |
| Drops + Tissue Salts Combo | ✅ दोनों एक Pack में | ❌ | ❌ |
| Side Effects | ✅ कोई नहीं | ⚠️ Steroid खतरे | ⚠️ Acidity, Kidney |
| दवा बंद करने पर | ✅ वापस नहीं आती | ❌ लौट आती है | ❌ अक्सर लौटती है |
| 136 साल की विरासत | ✅ Since 1889 | — | — |
| Expert Support | ✅ Dr. Satish Sharma | — | — |
Diet Plan: बवासीर में क्या खाएँ, क्या नहीं 🍽️
| ✅ खाएँ | ⛔ बचें |
|---|---|
| Isabgol, Oats, Daliya, Brown Rice (Fiber) | मैदा, बेकरी, Packaged Food |
| पपीता, केला, अमरूद, नाशपाती | बहुत मिर्ची-मसालेदार खाना |
| हरी सब्ज़ियाँ, पालक, लौकी, तोरई | शराब, धूम्रपान |
| दही, छाछ (Probiotics) | कच्चा प्याज-लहसुन, Coffee |
| गुनगुना पानी — 8-10 गिलास रोज़ | तले-भुने, Junk Food |
| त्रिफला चूर्ण (रात को गुनगुने पानी से) | देर रात भारी भोजन |
🥗 सुनहरा नियम: रोज़ 25-30 GM Fiber लें, पर्याप्त पानी पिएँ और लंबे समय तक शौचालय में न बैठें।
💧 सेवन विधि (Dosage)
- Doctor Pyro Drops: 10–15 बूँद, 100–150 Gram पानी में — दिन में 4–5 बार।
- BC17 Tablet: 4-4 Tablet, दिन में 3 बार — मुँह में चूसें।
- परहेज़: कच्चा प्याज-लहसुन व Coffee न लें; तेज़ गंध वाली चीज़ों से बचें।
- कब तक: लक्षण समाप्त होने तक; पुरानी बवासीर में 3 महीने का Course सलाहित।
- विशेष: शुरू में 48 घंटे लक्षण थोड़े बढ़ सकते हैं — यह अच्छा संकेत है। Allopathic दवा धीरे-धीरे कम करें, एकदम बंद न करें।
इससे जुड़े और लेख — Teqtis India
कब्ज़ बवासीर का सबसे आम कारण है, और घंटों बैठना दूसरा — इसीलिए नीचे पाचन और जीवनशैली से जुड़े लेख भी दिए हैं।
- कब्ज़, गैस व एसिडिटी — Doctor Stomach BC25 की पूरी जानकारी
- IBS, गैस व एसिडिटी क्या है — कारण और होम्योपैथी
- ऑफिस जॉब और घंटों बैठना — शरीर पर असर व बचाव
- डॉ. सतीश शर्मा DHMS — वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक
- डॉ. राम कृष्ण मिश्रा MD (होम्योपैथी) — पूर्व प्रोफ़ेसर
- Top 50 होम्योपैथिक दवाइयाँ — भाग 2 (26–50)
- होम्योपैथी प्रैक्टिस पुस्तक — दवा सूची, उपयोग व पोटेंसी
- होम्योपैथी दवा के साइड इफ़ेक्ट व बचाव
- जोड़ों का दर्द व गठिया — Doctor Joint BC19
- बवासीर सेल्फ-टेस्ट कैलकुलेटर — पूरा पेज
- Doctor Stomach BC25 — कब्ज़, गैस व IBS कॉम्बो
- Doctor Joint BC19 — गठिया व जोड़ों का दर्द
- Doctor Alleryo BC20 — दाद, खाज, एक्ज़िमा
- Doctor Dama BC2 — दमा, खांसी, साँस फूलना
- Nazla Killer BC5 — पुराना नज़ला व साइनस
- हमारे बारे में — Teqtis India, हिसार (2017 से)
- संपादकीय नीति — हम जानकारी कैसे लिखते व जाँचते हैं
- सुधार नीति — ग़लती मिलने पर हम क्या करते हैं
आपके पिनकोड तक पहुँचाते हैं — पूरे भारत में, COD के साथ
36 राज्य व केंद्र-शासित प्रदेश · 25,000+ पिनकोड · घर बैठे डिलीवरी, बिना किसी दुकान के चक्कर लगाए।
पिनकोड और वज़न के हिसाब से सबसे तेज़ पहुँचने वाला पार्टनर अपने आप चुना जाता है।
अपना पिनकोड यहाँ देख लीजिए
अपने राज्य पर टैप कीजिए — ज़िलों की सूची और PIN Range खुल जाएगी। अगर आपका पिनकोड उस range में है, तो डिलीवरी हो जाएगी। संदेह हो तो WhatsApp पर पिनकोड भेज दीजिए, हम बता देंगे।
⏱️ समय कामकाजी दिनों में है और अनुमानित है — त्योहार, मौसम या दूर-दराज़ के पिनकोड पर इससे ज़्यादा लग सकता है।
📍 Haryana / हरियाणा — PIN 121001–136156 · ⏱️ 2–3 दिन
| ज़िला (Hindi) | District (English) | PIN Range |
|---|---|---|
| हिसार | Hisar | 125001–125133 |
| गुरुग्राम | Gurugram | 122001–122508 |
| फ़रीदाबाद | Faridabad | 121001–121109 |
| रोहतक | Rohtak | 124001–124514 |
| पानीपत | Panipat | 132001–132116 |
| करनाल | Karnal | 132001–132041 |
| अंबाला | Ambala | 133001–134203 |
| सिरसा | Sirsa | 125055–125201 |
| भिवानी | Bhiwani | 127021–127307 |
| जींद | Jind | 126101–126116 |
| फ़तेहाबाद | Fatehabad | 125050–125120 |
| कैथल | Kaithal | 136027–136201 |
| यमुनानगर | Yamunanagar | 135001–135133 |
| सोनीपत | Sonipat | 131001–131304 |
| कुरुक्षेत्र | Kurukshetra | 136118–136156 |
| महेंद्रगढ़ | Mahendragarh | 123001–123306 |
| रेवाड़ी | Rewari | 123401–123412 |
| पलवल | Palwal | 121102–121105 |
| झज्जर | Jhajjar | 124103–124146 |
| नूँह | Nuh | 122107–122113 |
| चरखी दादरी | Charkhi Dadri | 127306–127306 |
| पंचकूला | Panchkula | 134101–134151 |
📍 Delhi-NCR / दिल्ली-एनसीआर — PIN 110001–110097 · ⏱️ 2–3 दिन
| ज़िला (Hindi) | District (English) | PIN Range |
|---|---|---|
| नई दिल्ली (मध्य) | Central Delhi | 110001–110006 |
| उत्तर दिल्ली | North Delhi | 110007–110054 |
| दक्षिण दिल्ली | South Delhi | 110016–110076 |
| पूर्वी दिल्ली | East Delhi | 110051–110096 |
| पश्चिम दिल्ली | West Delhi | 110015–110087 |
| नोएडा (UP) | Noida, Gautam Buddh Nagar | 201301–201310 |
| ग्रेटर नोएडा | Greater Noida | 201306–201318 |
| फ़रीदाबाद | Faridabad (HR) | 121001–121109 |
| गुरुग्राम | Gurugram (HR) | 122001–122508 |
📍 Uttar Pradesh / उत्तर प्रदेश — PIN 201001–285223 · ⏱️ 3–5 दिन
| ज़िला (Hindi) | District (English) | PIN Range |
|---|---|---|
| लखनऊ | Lucknow | 226001–226030 |
| कानपुर नगर | Kanpur Nagar | 208001–208027 |
| आगरा | Agra | 282001–282010 |
| वाराणसी | Varanasi | 221001–221116 |
| मेरठ | Meerut | 250001–250110 |
| प्रयागराज | Prayagraj | 211001–211023 |
| बरेली | Bareilly | 243001–243006 |
| गोरखपुर | Gorakhpur | 273001–273017 |
| गाज़ियाबाद | Ghaziabad | 201001–201206 |
| अलीगढ़ | Aligarh | 202001–202002 |
| मुरादाबाद | Moradabad | 244001–244304 |
| झाँसी | Jhansi | 284001–284128 |
| मथुरा | Mathura | 281001–281006 |
| अयोध्या | Ayodhya | 224001–224209 |
| सहारनपुर | Saharanpur | 247001–247232 |
| मुज़फ़्फ़रनगर | Muzaffarnagar | 251001–251320 |
| लखीमपुर खीरी | Lakhimpur Kheri | 262701–262902 |
| रायबरेली | Raebareli | 229001–229206 |
| उन्नाव | Unnao | 209801–209869 |
| हरदोई | Hardoi | 241001–241405 |
📍 Punjab / पंजाब — PIN 140001–160104 · ⏱️ 2–4 दिन
| ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ (ਪੰਜਾਬੀ) | District (English) | PIN Range |
|---|---|---|
| ਲੁਧਿਆਣਾ | Ludhiana | 141001–141421 |
| ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ | Amritsar | 143001–143416 |
| ਪਟਿਆਲਾ | Patiala | 147001–147202 |
| ਜਲੰਧਰ | Jalandhar | 144001–144532 |
| ਬਠਿੰਡਾ | Bathinda | 151001–151212 |
| ਮੋਹਾਲੀ (ਸਾਹਿਬਜ਼ਾਦਾ ਅਜੀਤ ਸਿੰਘ ਨਗਰ) | Mohali (SAS Nagar) | 140301–160062 |
| ਪਠਾਨਕੋਟ | Pathankot | 145001–145025 |
| ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ | Hoshiarpur | 146001–146116 |
| ਮੋਗਾ | Moga | 142001–142056 |
| ਫ਼ਿਰੋਜ਼ਪੁਰ | Firozpur | 152001–152132 |
| ਸੰਗਰੂਰ | Sangrur | 148001–148108 |
| ਕਪੂਰਥਲਾ | Kapurthala | 144601–144819 |
| ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ | Gurdaspur | 143505–143534 |
| ਫ਼ਰੀਦਕੋਟ | Faridkot | 151203–151212 |
| ਬਰਨਾਲਾ | Barnala | 148101–148108 |
📍 Rajasthan / राजस्थान — PIN 301001–345034 · ⏱️ 3–5 दिन
| ज़िला (Hindi) | District (English) | PIN Range |
|---|---|---|
| जयपुर | Jaipur | 302001–303905 |
| जोधपुर | Jodhpur | 342001–342027 |
| उदयपुर | Udaipur | 313001–313906 |
| कोटा | Kota | 324001–325208 |
| बीकानेर | Bikaner | 334001–334804 |
| अजमेर | Ajmer | 305001–305901 |
| सीकर | Sikar | 332001–332746 |
| अलवर | Alwar | 301001–301030 |
| भीलवाड़ा | Bhilwara | 311001–311604 |
| श्री गंगानगर | Sri Ganganagar | 335001–335901 |
| हनुमानगढ़ | Hanumangarh | 335511–335801 |
| नागौर | Nagaur | 341001–341519 |
| भरतपुर | Bharatpur | 321001–321614 |
| झुंझुनू | Jhunjhunu | 333001–333031 |
| चुरू | Churu | 331001–331505 |
📍 Bihar / बिहार — PIN 800001–855117 · ⏱️ 4–6 दिन
| ज़िला (Hindi) | District (English) | PIN Range |
|---|---|---|
| पटना | Patna | 800001–803212 |
| गया | Gaya | 823001–824220 |
| भागलपुर | Bhagalpur | 812001–813219 |
| मुज़फ़्फ़रपुर | Muzaffarpur | 842001–843360 |
| दरभंगा | Darbhanga | 846001–847427 |
| पूर्णिया | Purnia | 854301–854339 |
| बेगूसराय | Begusarai | 851101–851218 |
| आरा (भोजपुर) | Arrah (Bhojpur) | 802301–802318 |
| छपरा (सारण) | Chhapra (Saran) | 841201–841436 |
| मुंगेर | Munger | 811201–811214 |
📍 Madhya Pradesh / मध्य प्रदेश — PIN 450001–488448 · ⏱️ 4–6 दिन
| ज़िला (Hindi) | District (English) | PIN Range |
|---|---|---|
| भोपाल | Bhopal | 462001–462046 |
| इंदौर | Indore | 452001–452020 |
| जबलपुर | Jabalpur | 482001–482056 |
| ग्वालियर | Gwalior | 474001–474020 |
| उज्जैन | Ujjain | 456001–456668 |
| सागर | Sagar | 470001–470115 |
| रतलाम | Ratlam | 457001–457340 |
| रीवा | Rewa | 486001–486447 |
| सतना | Satna | 485001–485221 |
| देवास | Dewas | 455001–455227 |
📍 Maharashtra / महाराष्ट्र — PIN 400001–445402 · ⏱️ 4–6 दिन
| जिल्हा (मराठी) | District (English) | PIN Range |
|---|---|---|
| मुंबई शहर | Mumbai City | 400001–400037 |
| मुंबई उपनगर | Mumbai Suburban | 400049–400104 |
| ठाणे | Thane | 400601–421605 |
| पालघर | Palghar | 401101–401606 |
| रायगड | Raigad | 402101–410221 |
| पुणे | Pune | 411001–412410 |
| सातारा | Satara | 415001–415539 |
| सांगली | Sangli | 416301–416436 |
| कोल्हापूर | Kolhapur | 416001–416236 |
| सोलापूर | Solapur | 413001–413411 |
| अहिल्यानगर | Ahilyanagar (Ahmednagar) | 413701–414606 |
| रत्नागिरी | Ratnagiri | 415604–415814 |
| सिंधुदुर्ग | Sindhudurg | 416510–416812 |
| नाशिक | Nashik | 422001–423703 |
| धुळे | Dhule | 424001–424309 |
| नंदुरबार | Nandurbar | 425409–425444 |
| जळगाव | Jalgaon | 425001–425524 |
| छत्रपती संभाजीनगर | Chhatrapati Sambhajinagar | 431001–431150 |
| जालना | Jalna | 431203–431213 |
| बीड | Beed | 431122–431520 |
| धाराशिव | Dharashiv (Osmanabad) | 413501–413607 |
| लातूर | Latur | 413512–413531 |
| नांदेड | Nanded | 431601–431805 |
| परभणी | Parbhani | 431401–431542 |
| हिंगोली | Hingoli | 431507–431704 |
| नागपूर | Nagpur | 440001–441501 |
| वर्धा | Wardha | 442001–442306 |
| भंडारा | Bhandara | 441801–441914 |
| गोंदिया | Gondia | 441601–441915 |
| चंद्रपूर | Chandrapur | 442401–442917 |
| गडचिरोली | Gadchiroli | 442603–442707 |
| अमरावती | Amravati | 444601–444907 |
| अकोला | Akola | 444001–444311 |
| वाशीम | Washim | 444503–444506 |
| बुलढाणा | Buldhana | 443001–443404 |
| यवतमाळ | Yavatmal | 445001–445402 |
महाराष्ट्रातील सर्व ३६ जिल्ह्यांमध्ये डिलिव्हरी. PIN रेंज अंदाजे आहे — तुमचा पिनकोड यादीत न दिसल्यास WhatsApp वर पाठवा, आम्ही तपासून सांगू.
📍 Gujarat / ગુજરાત — PIN 360001–396590 · ⏱️ 4–6 दिन
| જિલ્લો (ગુજરાતી) | District (English) | PIN Range |
|---|---|---|
| અમદાવાદ | Ahmedabad | 380001–382481 |
| સુરત | Surat | 394101–395010 |
| વડોદરા | Vadodara | 390001–391775 |
| રાજકોટ | Rajkot | 360001–360590 |
| ભાવનગર | Bhavnagar | 364001–364810 |
| જામનગર | Jamnagar | 361001–361350 |
| ગાંધીનગર | Gandhinagar | 382001–382855 |
| જૂનાગઢ | Junagadh | 362001–362630 |
| આણંદ | Anand | 388001–388640 |
| ભરૂચ | Bharuch | 392001–392230 |
| મહેસાણા | Mehsana | 384001–384460 |
| નવસારી | Navsari | 396403–396463 |
| વલસાડ | Valsad | 396001–396375 |
| કચ્છ (ભુજ) | Kutch (Bhuj) | 370001–370665 |
| પાટણ | Patan | 384265–384290 |
📍 बाक़ी सभी राज्य व केंद्र-शासित प्रदेश / All Other States & UTs
| राज्य / केंद्र-शासित प्रदेश | State / UT (English) | PIN Range | ⏱️ अनुमानित समय |
|---|---|---|---|
| उत्तराखंड | Uttarakhand | 244712–263680 | 3–5 दिन |
| हिमाचल प्रदेश | Himachal Pradesh | 171001–177601 | 3–5 दिन |
| जम्मू और कश्मीर | Jammu & Kashmir | 180001–194404 | 5–8 दिन |
| लद्दाख | Ladakh | 194101–194404 | 7–12 दिन |
| चंडीगढ़ | Chandigarh | 160001–160104 | 2–4 दिन |
| झारखंड | Jharkhand | 813201–835325 | 4–6 दिन |
| पश्चिम बंगाल | West Bengal | 700001–743711 | 4–6 दिन |
| ओडिशा | Odisha | 751001–770076 | 5–7 दिन |
| छत्तीसगढ़ | Chhattisgarh | 490001–497778 | 4–6 दिन |
| तेलंगाना | Telangana | 500001–509412 | 4–6 दिन |
| आंध्र प्रदेश | Andhra Pradesh | 515001–535594 | 5–7 दिन |
| कर्नाटक | Karnataka | 560001–591346 | 4–6 दिन |
| तमिलनाडु | Tamil Nadu | 600001–643253 | 5–7 दिन |
| केरल | Kerala | 670001–695615 | 5–7 दिन |
| गोवा | Goa | 403001–403806 | 5–7 दिन |
| असम | Assam | 781001–788931 | 6–8 दिन |
| मेघालय | Meghalaya | 793001–794115 | 7–10 दिन |
| त्रिपुरा | Tripura | 799001–799290 | 7–10 दिन |
| मणिपुर | Manipur | 795001–795159 | 7–12 दिन |
| मिज़ोरम | Mizoram | 796001–796891 | 7–12 दिन |
| नागालैंड | Nagaland | 797001–798627 | 7–12 दिन |
| अरुणाचल प्रदेश | Arunachal Pradesh | 790001–792131 | 8–14 दिन |
| सिक्किम | Sikkim | 737101–737139 | 7–10 दिन |
| पुदुचेरी | Puducherry | 605001–609609 | 5–7 दिन |
| दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव | Dadra & Nagar Haveli and Daman & Diu | 362520–396240 | 5–8 दिन |
| अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह | Andaman & Nicobar Islands | 744101–744304 | 10–15 दिन |
| लक्षद्वीप | Lakshadweep | 682551–682559 | 10–15 दिन |
Disclaimer: यह जानकारी शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह चिकित्सकीय निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। Doctor Pyro + BC17 M. Bhattacharyya & Co. (Since 1889), Kolkata — GMP Certified Company द्वारा निर्मित है। Marketed by Teqtis India, Jain Street, Inside Nagori Gate, Hisar, Haryana. Phone: 70422-47248, 82857-42000. WhatsApp: 8278598205. Email: info@teqtis.in। Homeopathy Individually-Oriented चिकित्सा पद्धति है — परिणाम व्यक्ति व रोग की अवस्था पर निर्भर करते हैं। गंभीर या Grade 4 बवासीर में Surgeon से अवश्य मिलें।
यह जानकारी Dr. Satish Sharma, DHMS द्वारा समीक्षित है · संपादकीय नीति · सुधार नीति · हमारे बारे में